DA Hike: देशभर में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की बड़ी खबर सामने आई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने डीए में छह प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया है, जिससे महंगाई भत्ता अब पचास प्रतिशत की ऐतिहासिक सीमा तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या भर नहीं है, बल्कि वेतन संरचना में बड़े बदलावों का संकेत भी देता है।
DA Hike
महंगाई भत्ता कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के असर से बचाने के लिए दिया जाता है। पचास प्रतिशत की सीमा तक पहुंचना एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है क्योंकि परंपरागत रूप से इस स्तर पर डीए को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग तेज हो जाती है। कर्मचारी संगठन भी इसी मांग के साथ सक्रिय हो चुके हैं, क्योंकि डीए मर्ज होने पर सैलरी और पेंशन दोनों में स्थायी वृद्धि होती है।
डीए मर्ज होने पर वेतन कैसे बढ़ता है
यदि सरकार डीए को मूल वेतन में शामिल करने का फैसला लेती है तो इसका सीधा लाभ कर्मचारियों के वेतन में बड़ा इजाफा होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मौजूदा मूल वेतन बीस हजार रुपये है, तो पचास प्रतिशत डीए मिलाए जाने पर यह बढ़कर तीस हजार रुपये हो जाएगा।
मूल वेतन बढ़ने के बाद एचआरए, टीए और अन्य भत्ते भी स्वचालित रूप से बढ़ जाते हैं। पेंशनभोगियों को भी इसका सीधा लाभ मिलता है क्योंकि उनकी मूल पेंशन राशि में महत्वपूर्ण वृद्धि होती है।
कर्मचारी संगठनों का बढ़ता असंतोष
हालांकि डीए में बढ़ोतरी स्वागत योग्य है, लेकिन कर्मचारी संगठन आठवें वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों को लेकर नाराज हैं। इन संगठनों का कहना है कि सरकार ने उनकी कई महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है।
सबसे प्रमुख मांग है कि डीए मर्जर को तुरंत लागू किया जाए और आठवां वेतन आयोग एक जनवरी 2026 से प्रभावी किया जाए। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। कर्मचारी संगठन कोरोना काल में रोकी गई डीए की अट्ठारह महीने की किस्तों का बकाया तुरंत भुगतान करने की मांग पर भी अड़े हुए हैं।
कम्यूटेड पेंशन बहाली पर भी उठी मांग
कर्मचारी यूनियनों ने पेंशन की कम्यूटेड राशि की बहाली अवधि को भी कम करने की मांग की है। मौजूदा नियमों के अनुसार कम्यूटेड हिस्सा 15 वर्ष बाद बहाल होता है, जबकि संगठनों की मांग है कि इसे घटाकर 11 वर्ष किया जाए। इस मुद्दे पर कर्मचारियों के बीच लंबे समय से असंतोष जारी है।
आठवें वेतन आयोग के लागू होने की संभावित समयसीमा
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक में आठवें वेतन आयोग को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है। इससे लगभग पचास लाख कर्मचारियों और उनसठ लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। हालांकि आयोग की सिफारिशों के लागू होने में सामान्यतः अठारह से चौबीस महीने का समय लगता है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 के मध्य तक या 2028 की शुरुआत से लागू हो सकती हैं। इस बीच, डीए का पचास प्रतिशत तक पहुंचना कर्मचारियों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद जगाता है।
डीए मर्जर और वेतन वृद्धि पर सरकार का अगला कदम
महंगाई भत्ता पचास प्रतिशत तक पहुंचना कर्मचारियों के लिए बड़ी उपलब्धि है। वेतन में स्थायी वृद्धि के लिए कर्मचारियों की मांगें तार्किक मानी जा रही हैं और सरकार की ओर से इस पर जल्द किसी निर्णय की संभावना जताई जा रही है।
कर्मचारी संगठन उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार डीए मर्जर, पुरानी पेंशन योजना और रोकी गई डीए किस्तों के भुगतान पर जल्द बड़ा निर्णय लेगी।
